Just Bollywood
But With A Diffrence

अय्यारी रिव्यू : फिल्म के असली हीरो हैं मनोज, नीरज पाण्डे की सबसे कमज़ोर फिल्म

66

Aiyaaryपहले पद्मावत और फिर पैडमैन के साथ बॉक्स ऑफिस पर क्लैश टालने के बाद आख़िरकार अब अय्यारी रिलीज़ हो गई है. ‘अ वेडनज़डे’ फिल्म से निर्देशन में क़दम रखने वाले नीरज पाण्डे की इस फिल्म में मनोज बाजपेयी, सिद्धार्थ मल्होत्रा, रकुल प्रीत, नसीरुद्दीन शाह, आदिल हुसैन और अनुपम खेर जैसे कलाकार शामिल हैं. ये मल्टीस्टारर फिल्म एक थ्रिलर फिल्म है. जिसमें अ वेडनज़डे, बेबी, स्पेशल 26 और धोनी एन अनटोल्ड स्टोरी के सभी फ्लेवर देखने को मिलेंगे. आइए जानते हैं कैसी है फिल्म अय्यारी.

कहानी  अय्यारी को महाराष्ट्र के आदर्श सोसायटी घोटाले पर आधारित बताया जा रहा है. आपको याद होगा कि इस घोटाले में कई बड़े नाम शामिल थे. लेकिन अपनी फिल्म का रास्ता साफ़ रखने के लिए अय्यारी में इस तरह के बड़े नामों का कोई नामोंनिशान नहीं है. आपको बता दें कि ये फिल्म आर्मी की पृष्ठभूमि पर बनाई गई है. फिल्म की कहानी की शुरुआत होती है आर्मी अफसर जय बक्शी से जो किरदार सिद्धार्थ मल्होत्रा ने निभाया है. जय बक्शी एक ऐसी खुफिया बातचीत इंटरसेप्ट कर लेता है जिसमें कुछ प्रभावशाली लोग अपने हित और पैसों के लिए देश को बेचने की साजिश रच रहे हैं. जिसके बाद जय अकेले ही अपनी लड़ाई शुरू करने के लिए आर्मी छोड़ने का फैसला लेता है और लग जाता है उन लोगों की तलाश में जो इस घोटाले में शामिल हैं. जय उन ग़द्दारों और उस घोटाले की तह तक पहुंचने की कोशिश में लग जाता है. ये देखना दिलचस्प है कि जय को इस सफ़र में जिदगी क्या-क्या दिखाती है.

क्यूं देखें- फिल्म की शुरुआत से ही देश भक्त और देश द्रोहियों की इस लड़ाई में निर्देशक नीरज पाण्डे के स्टाइल की झलक आपको देखने को मिल जाती है. इस फिल्म में कहानी भी है और स्टारकास्ट भी जो फिल्म को सफल करवाने का मूल मंत्र साबित हो सकती है. अय्यारी एक थ्रिलर फिल्म है इसमें थ्रिलर के सारे एलिमेंट मौजूद हैं. इस फिल्म की जान है मनोज बाजपेयी जिन्होंने सीनियर आर्मी अफसर कर्नल अभय सिंह का किरदार निभाया है.

एक्टिंग की बात की जाए तो इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और मनोज बाजपेयी ने शानदार अभिनय किया है. बाक़ी सभी एक्टर्स ने भी बेहतरीन पर्फोमेंस दी है. फिल्म की बाकी सभी चीज़े जैसे, संगीत, कैमरावर्क, निर्देशन और स्क्रीनप्ले भी ठीक है. कुल मिलाकर इसे वन टाइम वॉच कहा जा सकता है. अगर आपको नीरज पाण्डे के स्टाइल वाली थ्रिलर फिल्में पसंद हैं तो ये फिल्म ज़रूर देखें.

क्यूं ना देखें– फिल्म में बॉलीवुड के कुछ ऐसे नाम शामिल हैं जिनके फिल्म में होने भर से ही उसके हिट होने का क़यास लगा लिया जाता है. लेकिन अय्यारी में मौजूद आदिल हुसैन, नसीरुद्दीन शाह, अनुपम खेर और कुमुद मिश्रा जैसे कलाकारों का पर्याप्त इस्तेमाल ही नहीं किया गया है. रकुल प्रीत भी अपनी एक्टिंग से आपको इंप्रेस कर पाने में नाकाम रहेंगी. कई जगहों पर फिल्म में नीरज पाण्डे कटाक्ष कर पाने में असमर्थ साबित हुए हैं. उनका ‘अ वेडनज़डे’ और ‘स्पेशल 26’ वाला अवतार आपको इस फिल्म में मिसिंग लगेगा.  आर्मी के बैकड्रॉप पर बनी इस फिल्म में आपको एक्शन की भरमार की उम्मीद होगी लेकिन ऐसा नहीं है फिल्म में आपको एक्शन देखने को नहीं मिलेगा. इस फिल्म में एक किरदार दूसरे किरदार का केवल पीछा करता नज़र आएगा साथ ही कुछ गोलीबारी के सीक्वेंस भी देखने को मिलेंगे. इस फिल्म की सबसे कमज़ोर कड़ी साबित होगी फिल्म की एडिटिंग. इस 2 घंटे 40 मिनट लंबी फिल्म में अगर कसी हुई एडिटिंग की गई होती तो इसे 1 घंटा 40 मिनट में पूरा किया जा सकता था. फिल्म अपनी अत्यधिक लंबी अवधि की वजह से उबाऊ साबित होती है. सेकेंड हाफ के कुछ सीक्वेंस जैसे मनोज बाजपेयी और सिद्धार्थ मल्होत्रा के फ्लैशबैक का सीक्वेंस काटा जाता तो आसानी से 15 मिनट कम किए जा सकते थे. कहा जाए तो ये नीरज पाण्डे के करियर की अब तक की सबसे कमज़ोर फिल्म साबित होती है.

बॉक्स ऑफिस- सीबीएफसी से लंबी लड़ाई लड़ने के बाद आखिरकार फिल्म रिलीज़ हुई. लगातार इस फिल्म की रिलीज़ की डेट बदले जाने से फिल्म के कारोबार पर फर्क करने के सवाल पर ट्रेड विशेषज्ञ कहते हैं कि ये कारण फिल्म की कमाई पर ज़्यादा प्रभाव नहीं डालेगा.

फिल्म ट्रेड एनालिस्ट गिरीश जौहर का मानना है कि 65 करोड़ के बजट में बनी ये फिल्म रिलीज़ के पहले दिन 4 करोड़ की कमाई कर सकती है जबकि इसका वीकेंड कलेक्शन 15 करोड़ होने की उम्मीद जताई जा रही है. अब देखना ये होगा कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर क्या कमाल कर पाती है.

Loading...

Comments are closed.